"गणितज्ञ कैसे बनें ?" गणितीय आलेखों की एक श्रृंखला है, जिसके अंतर्गत विविध गणितीय विषयों पर ऐसे लेख प्रस्तुत किये जाते हैं, जो पाठकों को ज्ञात गणितीय तथ्यों, परिणामों और सूत्रों को स्वयं खोजने के लिए क्रमबद्ध तरीके से प्रेरित करते हैं और जिनसे उनके अंदर गणितीय शोध की स्वाभाविक प्रवृति जागृत होती है.
प्रारंभिक बीजगणित (elementary algebra) के पाठ्यक्रम में बीजीय व्यंजकों (algebraic expressions) से संबंधित समस्याओं को हल करते समय हम सदैव ab और ba को समान मानते हैं. उदाहरण के लिए, हम तत्समक (identity) (a + b)^2 = a^2 + 2ab + b^2 को सिद्ध करते समय इस मान्यता का प्रयोग करते हैं कि ab = ba. इसे नीचे सपष्ट किया गया है :
\begin{align*} (a+b)^2 &= (a+b)(a+b) \\ &= a(a+b)+ b(a+b)\\ &=a^2 + ab + ba + b^2\\ &=a^2 + ab + ab + b^2 ~~~~~~~~~~~~~~~~\text{[क्योंकि $ab =ba$]}\\ &=a^2 + 2ab + b^2 \end{align*}
\begin{align*} (a+b)^2 &= (a+b)(a+b) \\ &= a(a+b)+ b(a+b)\\ &=a^2 + ab + ba + b^2\\ &=a^2 + ab + ab + b^2 ~~~~~~~~~~~~~~~~\text{[क्योंकि $ab =ba$]}\\ &=a^2 + 2ab + b^2 \end{align*}