परिचय


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गुरुवार, 9 अक्तूबर 2014

भिन्न संख्याएँ

संख्याओं की आधारशिला : भाग - 4  

अपने पिछले लेख प्राकृत संख्याएँ में हमने देखा की ये संख्याएँ गिनती के लिए प्रयुक्त होती हैं | परन्तु अपने दैनिक जीवन में हमें कई ऐसे अभिकलन करने होते हैं, जिनमें प्राकृत संख्या पर्याप्त सिद्ध नहीं होतीं | उदाहरण के लिए, दिए गए वस्तुओं को कई व्यक्तियों के बीच समान रूप से वितरण करने की समस्या | इस उद्देश्य हेतु हमें भिन्न संख्याओं की आवश्यकता पड़ती है | प्रस्तुत लेख में हम भिन्न संख्याओं के गणितीय संकल्पना पर चर्चा करेंगे और व्यावहारिक जीवन की समस्याओं से इसका संबंध स्थापित करते हुए इनके गुणधर्मों का विवेचन करेंगे |
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