संख्या–सिद्धांत के अनसुलझे समस्याओं में से एक महत्त्वपूर्ण समस्या “ जुड़वाँ अभाज्य अनुमान (twin prime conjecture)” है | यदि दो क्रमागत अभाज्य संख्याओं के बीच अंतर 2 हो, तो उन अभाज्य संख्याओं को “जुड़वाँ अभाज्य” कहा जाता है | उदाहरण के लिए, (3, 5), (5, 7), (11, 13), (17, 19), (29, 31), (41, 43) इत्यादि | उपरोक्त अनुमान कहता है कि ऐसे जुड़वाँ अभाज्य-युग्मों की संख्या अनंत है | अर्थात, ऐसे अभाज्य संख्याओं p की संख्या अनंत है, जिससे कि p+2 भी अभाज्य हों | संख्या-शास्त्रियों का ऐसा विश्वास है कि इस अनुमान के सत्य होने की संभावना अधिक है | हाल ही में इस अनुमान को सत्य साबित करने की दिशा में गणितज्ञों ने महत्त्वपूर्ण शोध किये हैं | 17 अप्रैल 2013 को गणितज्ञ यितांग झांग (Yitang Zhang) ने एक महत्त्वपूर्ण परिणाम की घोषणा की जिसके अनुसार ऐसे अभाज्य-युग्मों की संख्या अनंत हैं, जिनके बीच अंतर अधिक से अधिक 7 करोड़ है | उनका यह परिणाम गणितीय शोध पत्रिका “Annals of Mathematics” में एक शोध-पत्र में मई 2013 में प्रकाशित हुआ था | इस परिणाम को और ज्यादा परिशुद्ध करने और इस दिशा में विस्तृत शोध के लिए गणितज्ञ टेरेंस टाउ (Terence Tao) ने एक गणित-परियोजना ‘’Polymath Project” की शुरुआत की | इस परियोजना का उद्देश्य झांग के परिणाम पर शोध कर ऐसे परिणाम की खोज करनी है जिसके द्वारा अभाज्य-युग्मों के बीच अंतर कम साबित किया जा सके | अप्रैल 2014 तक इस अंतर को 246 तक कम किया जा सका है | इस अंतर को जेम्स मेनार्ड (James Maynard) और टेरेंस टाउ (Terence Tao) ने स्वतंत्र रूप से प्राप्त किया है |
बहुभिर्प्रलापैः किम् , त्रयलोके सचरारे। यद्किंचिद्वस्तु तत्सर्वम् , गणितेन् बिना न हि॥ हिंदी में उच्च - स्तरीय गणित - लेखन का एक उद्यम......
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शनिवार, 28 फ़रवरी 2015
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